Sunday, January 10, 2010

मेरी वापसी...

बहुत दिनों बाद आज लिखने का मौका मिला हैं। लगभग एक माह दस दिन बाद आधा स्वस्थ हो के लौटा हूं। 22 दिन लगातार बुखार में था । सालों बाद काफी दिन एंकात में और सुकून से बिताने का मौका मिला। तबीयत खराब होने के बावजूद सुकून इसलिए कहूंगा क्योकिं वहां रोजमर्रा की न्यूज रूम की गतिविधि और राजनीति से एकदम दूर था। यहां तक कि मैनें अपना फोन भी स्विच ऑफ कर दिया था । किसी से कोई संपर्क नहीं। एकदम दूर । कभी कभार मन होता था तो साइबर कैफे चला गया अन्यथा घर में हीं आराम करता था। सुबह की दिनचर्या आठ नौ बजे से शुरू होती थी, जो यहां रहते हुए इससे पहले हुआ करता था। सुबह की शिफ्ट के लिए या यूं कहे कोई भी शिफ्ट होने के बावजूद सुबह सात बजे के आसपास नींद खुल ही जाती थी । और ये सिलसिला फिर अभी भी यहां आने के बाद शुरू हो गया । बाकी घर पर रहने पर नित्य कर्म करने के बाद शुरू होती गहन ध्यान और अपने भविष्य के प्रति गंभीर और चिंतन करने की प्रकिया। ये प्रकिया लगभग पूरे छुट्टी भर चला । बहुत दिनों बाद मन मस्तिष्क को इतना आराम मिला था। इस एक महीने भर में बहुत सारे मुद्दे पर लिखने का मन किया । बहुत सारी चीजे देखने को मिली जिस पर तुलनात्मक तौर पर लिखने का मन किया । फिलहाल वापस लौटा हूं धीरे धीरे करके सभी चीजों और मुद्दों पर लिखूंगा।