Thursday, May 19, 2011

Is Rs. 20 sufficient per day ???



I read this article in TOI , Surat edition on 12 May 2011. It was not just a shock for me but also showed the truth that how these policy makers fool the common men and act as opportunists.

Wednesday, May 11, 2011

अजी सुनिए तो ...

भ्रष्टाचार करने वाले ही इसको रोकेगें । जी हैं सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लगता हैं । लेकिन ये सच्चाई हैं और हमें इसे स्वीकार करना होगा । उदाहरण के तौर देखिए आज के सबसे चर्चित चेहरे और जाबांज लोकतंत्र खिलाड़ी शरद पवार । भ्रष्टों की लिस्ट में नंबर एक । राजा साहब अरे भाई टेलीकॉम वाले राजा साहब को तो भूले नहीं हैं । वैसे अपने बड़बोले राजा साहब भी कम थोड़े ना हैं । उ भी कभी मुख्यमंत्री हुआ करते थे । क्या ठाठ थी भई उनकी । बुरा वक्त आने पर आदमी कैसे अर्नगल बोलता हैं । ये कोई उनसे सीखे । उनको देख के और सुनके कोई विश्वास नहीं करेगा वो कितने बड़े भ्रष्ट है । दस साल में मध्य प्रदेश को खाली बीमारू राज्य ही नहीं बनाया बल्कि 100 साल पीछे भी धकेल दिया । उनकी वीरगाथा की और किस्से सुनिये । दस साल प्रदेश की तो मारी ही मारी । बाकी में बुरी तरह हारने के बाद प्रदेश की राजनीति ही छोड़ दी । और चल दिए दसरे ठिकाने की ओर फिलहाल राजा साहब उत्तर प्रदेश के प्रभारी बन बैठे हैं । और देश के तथाकथित युवराज के चमचे नबर वन । खैर इसमें उनकी भी गलती नहीं हैं । आदत धीरे धीरे जाती हैं । बहरहाल हम लोग भ्रष्टाचार पर बात कर रहे थे । वैसे स्विस में पैसा जमा करने में राजा साहब शीर्ष भारतियों में आते है । सरकार नें अभी एक कमेटी बनायी हैं । जो लोकपाल बिल के बारे में पार्टी करेगें । वैसे भी मीटिंग अनसीरियस लोगों के लिए एक पार्टी के तरह ही होती हैं ।