Monday, August 22, 2011

आज का din

रोजाना की तरह आज भी हजरतगंज स्थित जीपीओ गया । क्या बूढ़े क्या बच्चे हर कोई अन्ना अन्ना और वंदे मातरम के नारा लगा रहे थे । एक सज्जन ने मुझसे पूछा कि भाई आजकल दिग्गी राजा नजर नहीं आ रहे हैं । मैनें कहा भाई अभी वह बिल में छुप कर बैठे हुए है। क्योकि जनता का सब्र कभी भी टूट सकता है । अभी तो वह मध्य प्रदेश से धकियाए गए है । जल्दी लतियाए भी जाएगें। क्यों मैने सही कहा ना । आपकी क्या राय है...

जरा इनसे मिलिए ...

अन्ना के आंदोलन में एक बार फिर नेता अपनी रोटी सेकने लगे है । आज एक अपने आप को
उत्तर भारतीयों का रहनुमा बताने वाले दबंग नेताजी भी अन्ना के समर्थन में कूद पड़े । आपको बता दूं कि ये नेताजी अभी कुछ दिन पहिले आजतक पर अन्ना को खूब गरिया रहे थे । ये नेता जी मुंबई में कहां घुस गए थे जब उत्तर भारत के लोगों पर राज ठाकरे के गुड़ें लगातार हमला कर रहे थे । दरअसल कांग्रेस के नेताओं को लग गया है कि ये आम आदमी अब खास हो गई है । और अगर ये बौरा गई तो उनको पीटने में भी आम आदमी को टाइम नहीं लगेगा ।