Thursday, May 1, 2014

राजा तो राजा हैं ...

दिग्गी राजा के फैसले का सम्मान करना चाहिये और निजी जीवन में दखल नहीं देना चाहिए । आज से कुछ दिन पहले जब मोदी जी की पत्नी के बारे मे तरह-तरह के बातें मीडिया में हो रही थी तब राजा साहब चीख चीख के  गरिया जा रहे थे । क्या मोदी जी की अपनी निजी जिंदगी नही हैं । उस समय राजा सहाब गला फ़ार-फ़ार कर मोदी जी और उनके पत्नी के बारे मे विचार दे रहे थे। आज बोल रहे हैं कि आपसी सहमती से सब हो रहा है तो दिक्क्त क्या? बात बिल्कुल सही है, किसी को दिक्कत होनी भी नहीं चाहिये। लेकिन माफ़ किजियेगा दिक्कत तो इस बात की है कि जब मोदी जी की पत्नी को मोदी जी से कोई शिकायत नहीं है और वह अपने आत्मसम्मान के साथ अपनी जीवन बिता रही है। फ़िर वे इतने विचलित होकर हाय-तौबा क्यों मचाने लगे थे। इसे कहते हैं दोहरी और दोगली मानसिकता । ये है आधुनिकता का दिखावापन ।