Saturday, July 19, 2014

हद हैं बेशर्मी की भाई...

अभी थोड़ी देर पहले घर लौट रहा था...रास्ते में सीएम आवास पड़ता हैं...वहां बहुत जादे भीड़ थी...भीड़ देखकर और सुरक्षा के तामझाम देख कर लगा कि कोई चल बसा है...लेकिन कमबख्त ऐसे लोग मरते थोड़े हैं...वहां लगे स्क्रीन देखकर और पता लगाने पर मालूम चला कि रोजा का आयोजन किया गया है...अब प्रदेश  के निवासी होकर इतना तो हक बनता हैं कि क्या सरकार के मुखिया से पूछ सके कि जिस प्रदेश में इतना हो हल्ला हो रहा है वहां के मुखिया को क्या ये शोभा देता हैं...लेकिन मुखिया के आखं में पानी कहा...याद रखना जनता अबकी बार माफ नहीं करेगी...अब हद हो चुका है...
अब तो ऐसा प्रतीत होता हैं कि मुखिया के गर में कोई महिला नहीं हैं और उन्हें किसी पुरूष के पेट से पैदा हो...और तो और नेता जी भी नहीं चूक रहे...कह रहे हैं बच्चों से गलती हो जाती हैं...भेजदे अपनी बहू या बेटी को मालूम चल जाएगा कि गलतीि क्या होती हैं...चुल्लू भर पानी में उन्हें डूब मरना चाहिए...

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