Saturday, February 15, 2014

एक थे नौटंकी चाचा

एक थे नौटंकी चाचा...बात बात पर नौटंकी करते थे...नौटंकी कर करके भोली भाली जनता को भरमाया करते थे...भरमा भरमा के वे एक दिन एक प्रदेश के मुखिया बन गए...लेकिन ये जो पब्लिक हैं सब जानती है नौटंकी चाचा...खूब वादा वादा खेले थे चचा...कहे थे कि भ्रष्टाचार के दीमक खत्म करने के लिए एगो स्प्रे बनाएगें...जनता भी सच मान गयी..एक ठो चचे ईमानदार है भाई लोग...लेकिन जब स्प्रे बनाने के सब समान मिल गया तो चचा एक दिन भाग...चचा को लगा अब ई पगले जनता लोग को स्प्रे बना के नही देगें तो किसी दिन दौड़ा द़ौड़ा के पीटे जाएगें...इसलिए चचा जान उनके संगी साथी ने एगो प्लान बनाया और फिर लगे जा़दू टोना करने लगे...लेकिन अब चचा को क्या मालूम अब उनके जादू टोना का असर जनता पर नहीं होने वाला... सो एक दिन चचा पूरा प्लान बनाके बोले की अब हम मुखिया नहीं रहेगें काहे की हमको कोई स्प्रे बनाने नही दे रहा...
राजेश खन्ना का एगो फिलिम आवा था...जिसमें ई गीतवा था...ये जो पब्लिक है सब जानती है...ये जो पब्लिक है...
तो हमरे  प्यारे चचा जान हम को पता चल गया है...कि आप स्प्रे काहे नही बनाए...अरे उ दीमक में से आपों तो एगो है...स्प्रे तो आप पर भी छिड़का ना जाता...का समझे नोटंकी चाचा...हम सब जान गए है...जान गए है आप आंटी के कितने नजदीक हैं...चची जान भी कौन कौन पोस्ट संभाली है...छुट्टी मनाने चचा-चचा खूब विदेश जाते है...बच्चा सब भी बड़का बड़का स्कूल में पढ़ता है भाई...ई तो शुरूआत हैं चचा...आगे तो आपका आउरों पोल खुलेगा...बूझे...ये जो पब्लिक है सब जानती है ... ये जो पब्लिक है...