Wednesday, April 9, 2014

आज फिर चचा थपड़िया दिए गए...


चचा के पिट जाने का नौटंकी बदस्तूर जारी हैं । आज भी चचा पिट गए । लेकिन अबकी बार थोड़ा गंभीर रूप से पिटा गए । अभी थोड़े देर पहिले बुद्दू बक्शा में देखा है । चश्मा भी फूट गया हैं । आज समझ में आया चचा गले में मफलर काहे पहनते थे । बहरहाल जोरदार तमाचा खाए हैं । लेकिन चचा का नौटंकी तबहियो जारी है । अभी घाट पर बैठ गए है । समझ नय आ रहा कि ध्यान लगाए है कि धरना दे रहे है । लेकिन चचा जहां गए है अगर वो आज जिंदा होते तो या तो खुद अपना सर फोड़ लेते या चचा जान का । आज मेरे एक मित्र किस्सा सुना रहे थे कि उनके घर के पास एक बच्चा अपने मम्मी पापा के हाथों पिट जाने पर थोड़े समय के रोने के बाद वो खुश हो जाता है । मैने पूछा ऐसा क्यों भाई तब उन्होनें कहा कि मार खाने के बाद सभी घर के लोग उस बच्चे का मान मनौवल करते थे । और उसकी सभी मांग पूरी होती थी । इस घटना को चचा जान से भी जोड़ तोड़ कर सकते है । थोड़ा सोचने के बाद ध्यान आया कि चचा हमेशा  कहते है इसके पीछे मास्टर माइंड है । हम्ममम्म...थोड़ा जोर दीजिए काशी जाने के समय चचा और उनके सभी भतीजे जोर जोर से ढ़ेचू ढ़ेचू कर रहे कि वहां उनको मारने का प्लान है । खूब चिल्लपो मचाए थे ।
ई राजनीति है । यहां कुछ भी हो सकता है । कुछ भी मुमकिन नहीं कुछ भी नाममुमकिन नही । हो सकता है कि चचा खुद ही पूरा रायता फैलाये हो । वैसे भी रायता वो बहुत बढ़िया बनाते है । पूरा देश को काफी समय से खिला रहे है । आम आदमी सोता हुआ शेर है ,उंगली मत कीजिए ।  लेकिन चचा एक बार का बहुत बार ऊंगली कर बैठे है । इसलिए भुगतना भी तो अपने चचा को ही पड़ेगा । चचा अभी अभी राजनीति में आए है । अति महत्वाकांक्षी है ... होना भी चाहिए । लेकिन जल्दी जल्दी सीढ़ी चलने वाले बहुत तेजी से फिसलते है । चचा के साथ ऊभी कुछ ऐसा ही हैं । चाचा एक काम बहुत बढ़िया किए है । जो काबिले तारीफ है । चाचा ईमानदारी का प्रमाण पत्र देते है । इसके लिए आपको तीस रूपया देना होगा । जिसमें एक टोपी और एक प्रमाण पत्र मिलेगा ।
चचा के बारे में और का लिखें । बस चाचा से दूर रहिये और रायता ना खाइये और ना फैलाइये । सोच समझ वोट करें । नहीं तो चचा को तो आपने देख ही लिया हैं । शहजादे कि तो बात क्या करें । बाकी आप लोगों कि लिए इशारा ही काफी हैं ...
नौटंकी जारी हैं...
रायता खाएगें तो नही पर फैलाएंगे जरूर
जयहिंद...